Ayodhya Parikrama
अयोध्या परिक्रमा भगवान श्री राम की जन्मभूमि पवित्र नगरी अयोध्या की परिक्रमा का पवित्र अनुष्ठान है। सदियों से भक्त आशीर्वाद प्राप्त करने, आत्मा की शुद्धि और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के दिव्य लीला से जुड़ने के लिए परिक्रमा मार्गों पर चलते आए हैं।
अयोध्या में परिक्रमा केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक तीर्थयात्रा है जिसमें रामायण और पुराणों में वर्णित मंदिर, घाट, आश्रम और पवित्र स्थल शामिल हैं।
पंचकोसी परिक्रमा
Importance & Significance
पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या की सबसे अधिक की जाने वाली परिक्रमा है, जो नगरी के चारों ओर पांच कोस (लगभग 15 किलोमीटर) के पवित्र क्षेत्र को घेरती है। शास्त्रों के अनुसार, इस परिक्रमा को पूरा करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है।
मार्ग में राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर और सरयू के पवित्र घाटों के दर्शन शामिल हैं।
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चौदह कोस परिक्रमा
Importance & Significance
चौदह कोस परिक्रमा अयोध्या की सबसे भव्य और विस्तृत परिक्रमा है, जो लगभग 45 किलोमीटर की दूरी को कवर करती है। यह प्राचीन परंपरा पुराणों में वर्णित है और ऋषियों द्वारा स्थापित मानी जाती है।
चौदह कोस परिक्रमा पूर्ण करना अत्यधिक पुण्यदायी माना जाता है और प्रमुख त्योहारों के दौरान हजारों श्रद्धालु इसे करते हैं।
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अंतर्ग्राही परिक्रमा
Importance & Significance
अंतर्ग्राही परिक्रमा प्राचीन अयोध्या नगरी के भीतर के मुख्य मंदिरों की परिक्रमा है। यह दैनिक तीर्थयात्रियों, वृद्ध भक्तों और कम समय वालों के लिए सबसे सुलभ परिक्रमा है।
मार्ग में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल, त्रेता के ठाकुर, सीता की रसोई और जानकी घाट शामिल हैं। परंपरा है कि परिक्रमा में राम मंदिर से पहले हनुमान गढ़ी का दर्शन करें।
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सरयू परिक्रमा
Importance & Significance
सरयू परिक्रमा पवित्र सरयू नदी के तट पर की जाने वाली परिक्रमा है, जिसके जल से पाप धोने की मान्यता है। भगवान राम ने गुप्तार घाट पर जल समाधि ली थी।
भक्त राम की पैड़ी, गुप्तार घाट, जानकी घाट पर नंगे पैर चलते हैं और अक्सर परिक्रमा से पहले या बाद में पवित्र स्नान करते हैं।
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कार्तिक मास परिक्रमा
Importance & Significance
कार्तिक मास अयोध्या परिक्रमा के लिए सबसे पवित्र मास माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि कार्तिक में की गई परिक्रमा का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। पूरे मास लाखों श्रद्धालु पंचकोसी और चौदह कोस परिक्रमा करते हैं।
कार्तिक अमावस्या पर दीपोत्सव अयोध्या को प्रकाश की नगरी बना देता है।
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शरद पूर्णिमा परिक्रमा
Importance & Significance
शरद पूर्णिमा परिक्रमा पूर्णिमा की रात को की जाती है जब चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती मानी जाती है। अयोध्या में यह परिक्रमा विशेष महत्व रखती है।
कई भक्त पूरी रात जागरण कर परिक्रमा और राम नाम जप करते हैं।
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विवाह पंचमी परिक्रमा
Importance & Significance
विवाह पंचमी परिक्रमा भगवान राम और माता सीता के दिव्य विवाह जुलूस की स्मृति में की जाती है। मार्ग कनक भवन और जानकी कुंज मंदिर से जुड़े मंदिरों को जोड़ता है।
विशेषकर जोड़े वैवाहिक सुख के लिए इस परिक्रमा को करते हैं।
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Major Festivals of Ayodhya
Celebrate the divine festivals of Ram Bhakti in the holy city of Ayodhya
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