
ସଂକ୍ଷିପ୍ତ ବର୍ଣ୍ଣନା
कार्तिक मास अयोध्या परिक्रमा के लिए सबसे पवित्र मास माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि कार्तिक में की गई परिक्रमा का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। पूरे मास लाखों श्रद्धालु पंचकोसी और चौदह कोस परिक्रमा करते हैं।
कार्तिक अमावस्या पर दीपोत्सव अयोध्या को प्रकाश की नगरी बना देता है।
ଇତିହାସ
कार्तिक मास अयोध्या परिक्रमा के लिए सबसे पवित्र मास माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि कार्तिक में की गई परिक्रमा का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। पूरे मास लाखों श्रद्धालु पंचकोसी और चौदह कोस परिक्रमा करते हैं।
कार्तिक अमावस्या पर दीपोत्सव अयोध्या को प्रकाश की नगरी बना देता है।
Celebrations
कार्तिक मास अयोध्या परिक्रमा के लिए सबसे पवित्र मास माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि कार्तिक में की गई परिक्रमा का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। पूरे मास लाखों श्रद्धालु पंचकोसी और चौदह कोस परिक्रमा करते हैं।
कार्तिक अमावस्या पर दीपोत्सव अयोध्या को प्रकाश की नगरी बना देता है।
Visitor Information
ଦର୍ଶନ ସମୟ: कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर), दीपोत्सव के दौरान चरम
Distance: पंचकोसी या चौदह कोस मार्ग