सरयू परिक्रमा

Early morning; Kartik & festivals

جائزہ

सरयू परिक्रमा पवित्र सरयू नदी के तट पर की जाने वाली परिक्रमा है, जिसके जल से पाप धोने की मान्यता है। भगवान राम ने गुप्तार घाट पर जल समाधि ली थी।

भक्त राम की पैड़ी, गुप्तार घाट, जानकी घाट पर नंगे पैर चलते हैं और अक्सर परिक्रमा से पहले या बाद में पवित्र स्नान करते हैं।

تاریخ

सरयू परिक्रमा पवित्र सरयू नदी के तट पर की जाने वाली परिक्रमा है, जिसके जल से पाप धोने की मान्यता है। भगवान राम ने गुप्तार घाट पर जल समाधि ली थी।

भक्त राम की पैड़ी, गुप्तार घाट, जानकी घाट पर नंगे पैर चलते हैं और अक्सर परिक्रमा से पहले या बाद में पवित्र स्नान करते हैं।

Celebrations

सरयू परिक्रमा पवित्र सरयू नदी के तट पर की जाने वाली परिक्रमा है, जिसके जल से पाप धोने की मान्यता है। भगवान राम ने गुप्तार घाट पर जल समाधि ली थी।

भक्त राम की पैड़ी, गुप्तार घाट, जानकी घाट पर नंगे पैर चलते हैं और अक्सर परिक्रमा से पहले या बाद में पवित्र स्नान करते हैं।

Visitor Information

درشن کا وقت: प्रातःकाल; विशेषकर कार्तिक और त्योहारों के दिन

Distance: घाटों के साथ भिन्न (3-10 किमी)